मजीठा के पास गांव भोमा में हर वर्ष लगता है मेला ।
अमृतसर, 25 मार्च ( कुमार सोनी ) अमृतसर के मजीठा के पास गांव भोमा में एक ऐसी मजार है यहां श्रदालुओं की मन्नत पूरी होने पर शराब का भोग लगाया जाता है और वहीं शराब वहां पर मौजूद लोगों में प्रसाद के रूप में बांटी जाती है । मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु ढोल की ताल पर नाचते गाते हुए मजार पर आते है । बताया जाता है की बाबा रोड़े शाह गांव धीमान जिला गुरदासपुर से यहां आए थे। उन्होंने अपना डेरा यही पर स्थापित किया था कहते है की बाबा जी बचपन से ही भक्ति में लीन रहते थे गांव में उन्होंने एक चबूतरा बनाया यहां बैठ वह भक्ति किया करते थे यहां हर साल मार्च माह में दो दिन का मेला लगता है मान्यता है की बाबा रोड़े शाह के मेले में हर वर्ष श्रदालुओं द्वारा अपनी समर्था के अनुसार देसी व अंग्रेजी हजारों लीटर शराब चढ़ाई जाती है जिसे प्रसाद के रूप में भक्तों में बांट दी जाती है। इस मेले में पुरुषों के साथ महिलाएं भी पहुंचती है। कई महिलाएं भी बेझिझक शराब का प्रसाद ग्रहण करती है । मेले में श्रदालुओं द्वारा घर में निकाली गई शराब के साथ साथ अंग्रेजी व विदेशी शराब का भोग बाबा की मजार के पास रखे एक बर्तन में शराब की कुछ बूंदे डाल कर भोग लगाया जाता है प्रसाद के रूप में शराब ग्रहण करने वाले श्रदालुओं की मान्यता है की यह केवल शराब नहीं इस में बाबा जी का आशीर्वाद है जो शराब ग्रहण करने के रूप में मिलता है मजार के मुख्य सेवक का कहना है की मेले में हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु देसी शराब प्लास्टिक की केनिया, देसी व विदेशी शराब की बोतले हाथों में लहराते हुए ढोल की थाप पर नाचते हुए आते है।
