फरीदकोट।
पंजाब की पारंपरिक सिख युद्ध कला गटका को बढ़ावा देने और युवाओं को अपनी विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से गटका एसोसिएशन पंजाब के मार्गदर्शन में जिला गटका एसोसिएशन फरीदकोट द्वारा विश्व गटका दिवस के अवसर पर पुरानी अनाज मंडी में ‘विरसा संभाल गटका कप’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से आई टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जबकि प्रथम सहाय गटका अखाड़ा, लुधियाना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए गटका एसोसिएशन पंजाब के महासचिव तलविंदर सिंह फिरोजपुर तथा राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला गटका एसोसिएशन फरीदकोट के अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि प्रतियोगिता में लड़कों की चार टीमों और लड़कियों की एक टीम ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन जत्थेदार बाबा बिनोद सिंह गटका अखाड़ा फरीदकोट और सरदार गुरसेवक सिंह भाना लजीज के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर शहर की अनेक प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित रहीं।
जिला गटका एसोसिएशन फरीदकोट के उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय गटका कोच नरेंद्र पाल सिंह परास ने बताया कि सिख मार्शल आर्ट प्रदर्शन प्रतियोगिता में प्रथम सहाय गटका अखाड़ा, लुधियाना ने पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं जत्थेदार बाबा बिनोद सिंह गटका अखाड़ा, फरीदकोट दूसरे और अकाल पुरख की फौज गटका अखाड़ा, कोटकपूरा तीसरे स्थान पर रहा।
प्रतियोगिता के दौरान आयोजित गटका सोटी व्यक्तिगत मुकाबलों में कोटकपूरा के कश्मीर सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया। लुधियाना के साहिबप्रीत सिंह दूसरे तथा फरीदकोट के नवकरण सिंह तीसरे स्थान पर रहे। विजेता खिलाड़ियों को समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा ट्रॉफियां प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जत्थेदार बाबा सतनाम सिंह सोढ़ी, जंड साहिब सादिक के बाबा सतनाम सिंह कार सेवा वाले, सरदार अछर सिंह, हरदीप सिंह, फतेहगढ़ साहिब के राष्ट्रीय गटका कोच शैरी सिंह भामरी, लुधियाना के प्रदीप सिंह, आकाशदीप सिंह तथा फरीदकोट की शहजाद कौर सहित अनेक खेल प्रेमी और गटका प्रशिक्षक मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि गटका केवल एक खेल नहीं बल्कि सिख इतिहास, शौर्य, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




