पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बुधवार को बरनाला में धरने पर बैठे सेनिटेशन वर्करों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को लेकर भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए, कहा है कि यह सत्तारूढ़ पार्टी की मजदूर विरोधी सोच का एक और बड़ा सबूत है।
वड़िंग ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए, कहा कि यह बेहद दुखद है कि पंजाब के शहरों और कस्बों को स्वच्छ रखने वाले कर्मचारियों को केवल अपनी बुनियादी और जायज मांगें उठाने के कारण लाठियों से पीटा गया।
उन्होंने झड़प के दौरान कई महिला वर्करों के घायल होने की खबरों पर भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, कहा है कि लोकतंत्र में इस प्रकार बल प्रयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वड़िंग ने जोर देते हुए, कहा कि आम आदमी पार्टी ने आम लोगों की सरकार का वादा करके अपनी राजनीतिक मुहिम चलाई थी, लेकिन आज जो भी अपनी आवाज बुलंद करने का साहस करता है, चाहे वह बेरोजगार युवा हो, ठेका कर्मचारी, मनरेगा वर्कर, किसान या अब सफाई कर्मचारी, उसे पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मान सरकार बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करने के बजाय असहमति की आवाज को दबाने के लिए डर और धमकी का सहारा ले रही है।
उन्होंने कहा कि इस सरकार की पहली प्रतिक्रिया संवाद नहीं, बल्कि दमन है। यह उन लोगों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील रवैये को दर्शाता है, जो केवल न्याय की मांग कर रहे हैं।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता ने बरनाला घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों ने आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि घायलों का तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए और सेनिटेशन वर्करों की यूनियनों के साथ बिना किसी देरी के बातचीत शुरू की जाए।
वड़िंग ने कहा कि पंजाब को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो लोगों की बात सुने, न कि अपने ही नागरिकों की आवाज को डर और पुलिस बल के सहारे दबाए। उन्होंने सेनिटेशन वर्करों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनकी गरिमा, अधिकारों और न्याय की लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।





