चंडीगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुबह एक बड़े रियल एस्टेट कारोबारी के आवास पर छापेमारी कर कथित जमीन घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच को तेज कर दिया। जानकारी के अनुसार, सेक्टर-20 स्थित कारोबारी प्रवीण कांसल उर्फ रॉकी के घर पर सुबह करीब 7 बजे ED की टीम पहुंची और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई न्यू चंडीगढ़ क्षेत्र में हुए एक विवादित जमीन सौदे से जुड़ी शिकायत के आधार पर की गई है। प्रवीण कांसल एक बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट से जुड़े बताए जा रहे हैं। उन पर आरोप है कि जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान अपने ही कारोबारी साझेदार के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई और करोड़ों रुपये के निवेश के बावजूद संपत्ति का स्वामित्व विवादित तरीके से बदला गया।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई शिकायत से मानी जा रही है। कारोबारी साझेदार प्यारेलाल गर्ग ने विजिलेंस विभाग को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि निवेश और साझेदारी के नाम पर भरोसा हासिल करने के बाद जमीन की रजिस्ट्री कथित रूप से दूसरे नामों पर करवा दी गई। शिकायतकर्ता का कहना था कि उन्हें विश्वास में लेकर संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों में बदलाव किए गए।
मामले में यह आरोप भी सामने आए हैं कि तत्कालीन राजस्व अधिकारियों की कथित मिलीभगत से कुछ दस्तावेज तैयार किए गए, जिनके जरिए जमीन का ट्रांसफर किया गया। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने लंबे समय तक रिकॉर्ड खंगाले और मामले की पड़ताल जारी रखी।
सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायत के बाद प्रवीण कांसल सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और फर्जीवाड़े से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया था। शुरुआती जांच में कुछ वित्तीय और दस्तावेजी अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद केस को आगे बढ़ाया गया।
अब ED इस मामले में मनी ट्रेल, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, प्रॉपर्टी दस्तावेज और कथित आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जमीन सौदे में कथित गड़बड़ी के जरिए किसी प्रकार की अवैध आर्थिक गतिविधि या धन शोधन तो नहीं हुआ।
फिलहाल ED की टीम मामले से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।



