पठानकोट में रिश्वत लेते थाना प्रभारी गिरफ्तार, नाम हटाने के लिए मांगे थे 5 लाख रुपये



पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पठानकोट जिले के धार कलां थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर गुलशन कुमार को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। विजिलेंस के अनुसार, यह रिश्वत की कुल तय राशि 2.50 लाख रुपये की पहली किस्त थी।

विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, यह कार्रवाई अमृतसर निवासी एक सेवानिवृत्त एलआईसी प्रबंधक की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनके छोटे भाई के पठानकोट जिले के गांव ढांगू सारा स्थित रेस्टोरेंट ‘मधुबन’ में हुए मामूली विवाद से जुड़े एक मामले में उनका नाम अनुचित रूप से शामिल किया गया था।

इस मामले में दर्ज एफआईआर में रेस्टोरेंट के कर्मचारी कृष्णा और तीन अज्ञात व्यक्तियों के नाम थे, जबकि शिकायतकर्ता को भी संदेह के आधार पर मामले से जोड़ा गया था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इंस्पेक्टर गुलशन कुमार ने एफआईआर से उनका नाम हटाने के बदले पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह राशि घटाकर 2.50 लाख रुपये तय की गई, जिसे किस्तों में देना था। पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये देने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत मांगने से जुड़ी बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली थी।

अवैध मांग के आगे झुकने के बजाय शिकायतकर्ता ने अमृतसर स्थित विजिलेंस रेंज से संपर्क किया और उपलब्ध साक्ष्य सौंपे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पठानकोट विजिलेंस इकाई ने जाल बिछाया।

विजिलेंस के अनुसार, इंस्पेक्टर गुलशन कुमार को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में एक लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए मौके पर पकड़ लिया गया। रिश्वत के लिए इस्तेमाल की गई चिह्नित राशि भी बरामद कर ली गई।

इस मामले में इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अमृतसर स्थित विजिलेंस ब्यूरो थाने में केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

यह कार्रवाई पंजाब में सरकारी तंत्र के भीतर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रयासों के बीच हुई है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।