शहीद नायब सूबेदार प्रगट सिंह को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

अमृतसर, राहुल सोनी
जम्मू-कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के वीर जवान नायब सूबेदार प्रगट सिंह को सोमवार को उनके पैतृक गांव रामदास में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम थी और हर दिल देश के इस वीर सपूत को सलाम कर रहा था। शहीद प्रगट सिंह के अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक व राजनीतिक प्रतिनिधि पहुंचे। गांव के श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पिता जोगिंदर सिंह ने मुखाग्नि दी, जबकि सेना के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी।

प्राप्तजानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय नायब सूबेदार प्रगट सिंह जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में तैनात थे और भारतीय सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट में सेवाएं दे रहे थे। गत दिन 4 जनवरी को अचानक ऑक्सीजन की कमी के कारण उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि निधन से एक दिन पहले उन्होंने अपने परिवार से फोन पर बात की थी और सांस लेने में तकलीफ होने की बात मां को बताई थी।
विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रगट सिंह देश का होनहार बहादुर सपूत था, जिसने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और सरकार की ओर से हर संभव सहायता व सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। विधायक ने  कहा कि शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और उनका नाम देश व प्रदेश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।